
महाराजांच्या पादुका
गुरूर्ब्रह्मा, गुरूर्विष्णू, गुरूर्देवो महेश्वरः ।
गुरूः साक्षात् परब्रह्म ।
तस्मै श्रीगुरूवे नमः ।।
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॥ जानकीजीवनस्मरण जय जय राम।॥
॥पार्वतीपते हरहर महादेव॥
॥पुंडलिकवरदे हरि विठ्ठल॥
अनंत कोटी ब्रह्मांडनायक राजाधिराज सच्चिदानंद सद्गुरू श्री ब्रह्मचैतन्य गोंदवलेकरमहाराज की जय ।
सबसंतनकी जय ।
जयजय रघुवीर समर्थ ।
हरि ॐ तत् सत्
॥श्रीराम समर्थ॥